25 लाख की नौकरी छोड़ आकाश ने जैविक खेती से बदली जिंदगी

नई दिल्ली 07-Sep-2026 12:56 PM

25 लाख की नौकरी छोड़ आकाश ने जैविक खेती से बदली जिंदगी

(सभी तस्वीरें- हलधर)

हलधर टाइम्स

कुरज, राजसमंद। हिम्मत और हौसले से अपना वक्त बदला जा सकता है। साथ ही, नवाचारी सोच से सपनों को साकार किया जा सकता है। इस बात को अपने ही अंदाज में साबित किया है एमबीए पास किसान आकाश हींगड़ ने। जिन्होंने हाईटेक के साथ-साथ जैविक खेती में सफलता पाई है। साथ ही, मधुवन ऑर्गेनिक को ब्रांड बनाने का काम किया है। बता दें कि आकाश को सालाना 12-13 लाख रुपए की शुरुआती आमदनी खेती से मिल रही है। किसान आकाश ने हलधर टाइम्स को बताया कि पिताजी मार्बल के कारोबार से जुड़े हुए थे। खेती के लिए जमीन नहीं थी। इस कारण नौकरी करके कोविड-19 के दौरान घर लौटने तक खेती से कोई वास्ता ही नहीं था। लेकिन, अब पूरी तरह खेती में रच-बस गया हूं। उन्होंने बताया कि मुंबई से ग्रामीण विकास में एमबीए किया। फिर, वहां पर ही एक बैंक में सीनियर मैनेजर के पद पर सेवाएं देने लगा। उस समय सालाना 25 लाख का पैकेज था। लेकिन, कोविड-19 के संक्रमण के दौरान नौकरी छोड़कर घर लौट आया और परिवार के साथ रहकर ही अपने लिए कुछ करने का मन बनाया। कोविड-19 के दौरान खेती का महत्व समझ आया। परिस्थितियां सामान्य होने के बाद कुरज गांव में 32 एकड़ जमीन की खरीदी। लेकिन, जमीन की स्थिति ज्यादा सही नहीं थी। जमीन में लवण की मात्रा ज्यादा थी। इस स्थिति को देखते हुए हरी खाद जैसी कई फसलों को बढ़ावा दिया। इससे जमीन में सुधार हुआ और फसलों का उत्पादन होने लगा। उन्होंने बताया कि परंपरागत फसलों में चना, मूंग, उड़द आदि फसलों का उत्पादन ले रहा हूं। खेती के काम आने वाले सब सोइलर, रिवर्सिबल मोर प्लाऊ, कल्टीवेटर, रोटावेटर, मल्टीक्रॉप बेड मेकर, मल्चिंग मशीन, पावर वीडर, लेजर लेवलर, (सेंसर द्वारा संचालित), पावर रीपर, ट्रैक्टर ट्रॉली आदि कृषि मशीनरी मेरे पास है। गौरतलब है कि आकाश ने अपने साथ 15 परिवारों को रोजगार से जोड़ा है।

10 बीघा में जैविक सब्जी

उन्होंने बताया कि जमीन की स्थिति को देखते हुए शुरू से ही जैविक का रुख किया। साथ ही, फार्म को जैविक प्रमाणीकरण संस्था से प्रमाणित करवाया। वर्तमान में 10 बीघा क्षेत्र में सब्जी फसलों का उत्पादन ले रहा हूं। सब्जी फसलों में भिंडी, तुरई, लौकी, टमाटर, पालक, मेथी, गाजर, मूली, चुकंदर, पत्ता गोभी, ब्रोकली, मटर, धनिया, बैंगन, शिमला मिर्च, काचरी आदि फसल शामिल है। सिंचाई के लिए कुआं है और सोलर पंप लगा हुआ है। सब्जी फसलों में देशी गाय का खाद, गौमूत्र, गुड़, सण (हरी खाद), वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत, 10 पत्ती पेस्ट, लहसुन, मिर्च, तंबाकू, अर्क, नीम ऑयल आदि जैविक आदानों का उपयोग कर रहा हूं। जैविक उत्पादन सब्जियां और अनाज जयपुर, जोधपुर, भीलवाड़ा, उदयपुर, अहमदाबाद में बिक्री कर रहा हूं।

4 बीघा में बगीचा

उन्होंने बताया कि 4 बीघा क्षेत्र में बगीचा स्थापित किया है। इसमें 1100 पौधे पपीता और नींबू के लगे हुए हैं। पपीता के पौधों पर फल लगना शुरू हुए हैं। जबकि, नींबू से उत्पादन मिलने में अभी समय लगेगा।

6 हजार वर्ग मीटर में हाईटेक खेती

उन्होंने बताया कि 6 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में हाईटेक खेती कर रहा हूं। 4 हजार वर्ग मीटर पॉली हाउस में खीरा फसल का उत्पादन ले रहा हूं। वहीं, दो हजार वर्ग मीटर क्षेत्र वाले पॉली हाउस में मूंग फसल की बुवाई की है। ताकि, जमीन ठीक हो सके।

उन्नत पशुपालन

उन्होंने बताया कि जैविक खाद की आवश्यकता को देखते हुए गोपालन कर रहा हूं। 5 गिर नस्ल की गाय मेरे पास हैं। उत्पादित दूध परिवार की आवश्यकता पूर्ति में काम आ जाता है। वहीं, पशु अपशिष्ट से जैविक आदान तैयार कर रहा हूं।

स्टोरी इनपुट: डॉ. पैंती रैगर, केवीके, राजसमंद


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