राजस्थान में उगा 30 किलो का विशाल कटहल, किसान की अनोखी सफलता
(सभी तस्वीरें- हलधर)
अटा, करौली। कटहल भी कौतूहल पैदा कर सकता है। यकीन नहीं है, तो देखिए। यह कटहल कोई दो चार किलो का नहीं, पूरे 30 किलोग्राम का है। संभवत: राजस्थान में इतना बड़ा और वजनी कटहल ना तो पहले कभी देखने को मिला है और ना ही ऐसा कुछ सुनाई दिया है। लेकिन, यह कौतूहल पैदा हुआ है किसान रामस्वरूप सैनी के खेत में। गौरतलब है कि किसान रामस्वरूप कटहल और आम की बागवानी करते है और सालाना दो से ढ़ाई लाख रूपए इन फसलों से लेते है। जबकि, सकल आय का आंकड़ा काफी ज्यादा है। किसान रामस्वरूप ने हलधर टाइम्स को बताया कि हमारा संयुक्त परिवार है। 40-45 सदस्यीय परिवार के मध्य में करीब 70 बीघा जमीन है। उन्होंने बताया कि आम की बगवानी पिताजी के समय से है। लेकिन, आय बढाने के लिए वर्ष 2007-08 के दौरान दो बीघा क्षेत्र में कटहल का बगीचा स्थापित किया था। उन्होंने बताया कि जब से पौधों से उत्पादन मिलना शुरू हुआ है, तब से इतना बड़ा और वजनी कटहल पहले कभी पैदा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इस साल पौधों पर फल लगने शुरू हुए और तुड़ाई हुई तो एक कटहल ने पूरे परिवार का दांतो तले अंगुली दबाने को मजबूर कर दिया। क्योंकि, फल बड़ा दिख रहा था, जब इसका वजन किया तो नेट 30 किलोग्राम का निकला है। उन्होंने बताया कि कटहल की खेती से सालाना लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है। जबकि, आम के 300-400 पेड़ खेत की मेड़ पर लगे हुए है। लेकिन, इनमें उत्पादन कम आता है। इससे सालाना डेढ़ लाख रूपए तक आमदनी मिल जाती है।
परम्परागत से तीन लाख
उन्होंने बताया कि परम्परागत फसलों में सरसों, गेहूं और बाजरे की पैदावार लेता हॅू। सिंचाई के लिए कुआं और ट्यूबवैल है। उन्होंने बताया कि इन फसलों के उत्पादन से सालाना तीन लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है। गौरतलब है कि परिवार की आवश्यकता पूर्ति के लिए किसान रामस्वरूप ने किचन गार्डन भी स्थापित किया हुआ है। जिसमें मौसमी सब्जियों का उत्पादन लेते है।
उन्नत पशुपालन
पशुधन में मेरे पास 15-20 भैंस है। प्रतिदिन 150 लीटर से अधिक दुग्ध का उत्पादन मिलता है। लेकिन, अधिकांश दुग्ध की खपत परिवार में हो जाती है। उन्होंने बताया कि शेष रहने वाले दुग्ध से घी तैयार कर लेता हॅॅू। इससे सालाना लाख से डेढ़ लाख रूपए की आमदनी हो जाती है। साथ ही, पशुधन का खर्च निकल जाता है।
स्टोरीइनपुट: पिंटूलाल मीणा, कृषि विभाग, सवाईमाधोपुर