समन्वित खेती से महिला किसान की कमाई 6 लाख, जानिए पूरा मॉडल
(सभी तस्वीरें- हलधर)
ताराखेड़ा, राजसमंद। पानी का जुगाड़ करना किसानों के लिए एक चुनौती भरा सफर है। लेकिन, लक्ष्य के आगे परेशानियां कहां टिकती है। सूक्ष्म सिंचाई के साथ पशुपालन और मैदानी सब्जी फसलों का उत्पादन लेने वाले ऐसे ही किसान है शायरी देवी। जो समन्वित खेती से सालाना 5-6 लाख रूपए की आमदनी प्राप्त करने लगी है। किसान शायरी देवी ने हलधर टाइम्स को बताया कि खेती से जुड़ाव शुरू से ही रहा। लेकिन, अब खेती को आजीविका का साधन बना लिया। उन्होने बताया कि परम्परागत फसलो का उत्पादन पहले भी हो रहा था। अब भी हो रहा है। लेकिन, फसल उत्पादन और आमदनी के आंकडे में दिन-रात का अंतर आ चुका है। उन्होने बताया कि पहले खेतो से दो से ढ़ाई लाख रूपए सालाना की आमदनी मिलती थी। लेकिन, अब बचत का आंकड़ा सालाना 5-6 लाख रूपए तक पहुंच चुका है। खेती में यह बदलाव बारानी कृषि अनुसंधान केन्द्र, भीलवाड़ा के कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन का कमाल है। उन्होंने बताया कि उन्नत कृषि आदान के साथ वैज्ञानिक तौर-तरीके से फसल बुवाई और समय-समय पर उन्नत सस्य क्रिया अपनाने से फसल उत्पादन बढाने में मदद मिली है। गौरतलब है कि किसान शायरी के पास 50 बीघा कृषि जमीन है। उन्होने बताया कि परम्परागत फसलो में चना, ईसबगोल, मक्का, मूंगफली और कपास का उत्पादन लेती हॅू। सिंचाई के लिए मिनी स्प्रिंकलर का उपयोग कर रही हॅू।

किचन गार्डन भी
उन्होंने बताया कि परिवार का दैनिक खर्च घटाने के लिए किचन गार्डन स्थापित किया हुआ है। इसमें टमाटर, भिंड़ी, बैंगन, मिर्च सहित मौसमी सब्जी फसलो का जैविक उत्पादन ले रही हॅू। इससे भी थोड़ी बहुत आय मिल जाती है।
पशुपालन भी लाभकारी
उन्होंने बताया कि खेती में देसी खाद की आपूर्ति के लिए पशुपालन का कुनबा बढ़ाया है। पहले मेरे पास एक गाय थी। लेकिन, अब 2 गाय और 2 भैंस है। प्रतिदिन 20 लीटर दुग्ध का उत्पादन मिल रहा है। प्रतिदिन 15 लीटर दुग्ध का विपणन डेयरी को 60 रूपए प्रति लीटर की दर से कर रही हूॅ। वहीं, पशु अपशिष्ट से कम्पोस्ट खाद तैयार कर रही हॅू।
स्टोरी इनपुट: डॉ. केसी नागर, मयंक गोयल, हिमांशु कुलदीप, डॉ. एलके छाता, बारानी कृषि अनुसंधान केन्द्र, भीलवाड़ा