गौमूत्र के कारोबार ने बदली किस्मत, सालाना कमाई 2 करोड़ पाऱ

नई दिल्ली 01-May-2026 03:34 PM

गौमूत्र के कारोबार ने बदली किस्मत, सालाना कमाई 2 करोड़ पाऱ

(सभी तस्वीरें- हलधर)

भाभर, बनासकांठा। आधुनिक कृषि तकनीक का जलवा एक आम किसान के खेत में भले ही नजर नहीं आए। लेकिन, गोबर और गौमूत्र अपना कमाल दिखा रहा है। गौमूत्र से एक नामी कंपनी खड़ी करने वाले ऐसे ही गौ प्रेमी है देवाराम पुरोहित। जो मूलत: राजस्थान से ताल्लुक रखते है। लेकिन, गुजरात में गौमूत्र से बायो प्रॉडक्ट तैयार कर रहे है। आपको यकीन नहीं होगा कि गौ मूत्र निर्मित बायो प्रॉडक्ट का सालाना कारोबार 2 करोड़ का आंकड़ा छू चुका है। वहीं, धेनु प्रसाद एग्रोवेट एक ब्रांड नाम बन चुक है। गौप्रेमी देवाराम ने हलधर टाइम्स को बताया कि वर्ष 2017 में गौमूत्र पर विशेष रूप से ध्यान देना शुरू किया। लेकिन, व्यवसाय का रूप वर्ष 2024 में दिया। उन्होंने बताया कि कई किसानों के यहां गौ मूत्र के फायदे समझने को मिले। यही से बिजनेस आईडिय़ा दिमाग में आया और निकल पड़ा अपनी मंजिल की ओर। इसी का परिणाम है कि धेनु प्रसाद एग्रोवेट के प्रॉडक्ट गुजरात के किसानों की पहली पसंद बन चुके है। उन्होने बताया कि गौ मूत्र निर्मित प्रॉडक्ट सभी फसलों के लिए उपयोगी है। इन प्रॉडक्ट से किसानों को लाभ मिल रहा है, गौ माता के प्रति प्रेम बढ़ रहा है। साथ ही, किसानों को आय भी हो रही है। 

5 रूपए लीटर खरीद

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से किसान परिवारो से 5 रूपए प्रति लीटर की दर से गौ मूत्र की खरीद कर रहा हॅॅू। गौ मूत्र देसी गौ नस्लों का होना चाहिए। इससे किसानों को गोबर के साथ-साथ गौ मूत्र भी कमाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि एक किसान को प्रतिदिन प्रति गाय से 40 रूपए की आय गौ मूत्र की बिक्री से मिल जाती है। यदि किसान के पास 5 गाय है तो अतिरिक्त आय का हिसाब स्वत: ही लगाया जा सकता है। 

आठ साल चला रिसर्च

उन्होंने बताया कि गौमूत्र से कंपनी तक के सफर में बेटो की मेहनत भी छिपी हुई है। उनकी शिक्षा के कारण ही ये मुकाम हासिल कर पाया हॅू। उन्होंने बताया कि एमएसी बायोटेक की पढ़ाई करने वाले बेटों ने करीब 8 साल तक गौ मूत्र से बायो प्रॉडक्ट तैयार करने पर शोध किया। पायलट प्रोजेक्ट चलाए। प्रॉडक्ट का फसलों में सकारात्मक परिणाम नजर आया तो इसे व्यवसाय का रूप दिया। 

150 किसान परिवार

उन्होने बताया कि करीब 150 परिवारों से गौ मूत्र की खरीद कर रहा हॅू। इससे किसानों को घर बैठे अतिरिक्त आमदनी मिल रही है। साथ ही, फसल में भी लाभ मिल रहा है और जैविक का दायरा बढ़ रहा है। उन्होने बताया कि गौ मूत्र निर्मित प्रॉडक्ट में धनवृद्धि, धन भूमि, धन रक्षक सहित कई दूसरे उत्पाद शामिल है। उन्होने बताया कि उत्पादों की 50-60 फीसदी खपत बनासकांठा जिले में हो रही है।