टोंक में खाद बिक्री का बड़ा खेल, डीएपी खरीदा तो मिला यूरिया 

नई दिल्ली 31-Aug-2026 04:47 PM

टोंक में खाद बिक्री का बड़ा खेल, डीएपी खरीदा तो मिला यूरिया 

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी रोकने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है। साथ ही, आदान विक्रेताओं के खिलाफ ठोस कार्यवाही को भी अंजाम दे रही है। इसके बावजूद भी किसानों के साथ धोखाधड़ी रूकने का नाम नहीं ले रही। टोंक जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जिले के नानेर-पीपलू क्षेत्र के किसान ने एक आदान विके्रता से डीएपी खरीद किया। लेकिन, मोबाइल संदेश यूरिया का मिला। बता दें कि इस किसान ने अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए 2005 रूपए में डीएपी की खरीदा है। जबकि, डीएपी का निर्धारित दर 1350 रूपए है। ऐसे में समझा जा सकता है कि शासन-प्रशासन के आदेश मैदान में कैसे हवाई बने हुए है। 

शिकायत पर ध्यान नहीं

किसान महापंचायत के प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने बताया कि जिले में किसानों के साथ की जा रही ठगी की सबूत सहित संयुक्त निदेशक कृषि को शिकायत की जा रही है। लेकिन, संबंधित के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती। इससे आदान विके्रताओं के हौंसले बुलंद है। 

टैगिंग की बिक्री रोकने के आदेश

उधर, सहकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने उर्वरक बैग के साथ टैग उत्पादों की बिक्री पर एक्शन लिया है। जारी आदेश में ग्राम सेवा सहकारी और क्र य-विक्रय सहकारी समितियों केा उर्वरक के साथ टैग उत्पाद की बिक्री नहीं करने की बात कही गई है। साथ ही, उर्वरक खरीद के साथ टैग उत्पाद देने वाली उर्वरक निर्माता कम्पनियों से व्यापार खत्म करने की बात भी आदेश में कही गई है।


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