अल नीनो Alert! राजस्थान में 50% कम बारिश का खतरा

नई दिल्ली 16-Feb-2026 02:40 PM

अल नीनो Alert! राजस्थान में 50% कम बारिश का खतरा

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। इस साल मानसून कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। प्रारंभिक वैश्विक जलवायु मॉडलों के अनुसार अल नीनो की स्थिति बनने से राजस्थान सहित उत्तर भारत में सामान्य से 40 से 50 प्रतिशत तक कम वर्षा की आशंका जताई जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले एक-दो महीनों में मॉडल बदल भी सकते हैं। क्योंकि, मानसून कई वैश्विक और क्षेत्रीय कारकों पर निर्भर करता है। फिलहाल जून और जुलाई को सबसे कमजोर महीनों के रूप में देखा जा रहा है। जबकि, अगस्त के पहले सप्ताह के बाद और सितंबर में कुछ हद तक बारिश की भरपाई संभव है। मानसूनी बरसात करीब 85 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

पड़ेगी तेज गर्मी

वर्तमान में अल नीनो के कारण मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से अधिक गर्म है। इसके चलते हवाएं कमजोर होकर उलट दिशा में चलने लगी हैं, जिससे गर्म पानी अमेरिका की ओर खिसकता है और भारतीय मानसून कमजोर पड़ता है। इसका प्रभाव तापमान पर भी पड़ेगा और गर्मी सामान्य से अधिक रह सकती है। 

दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान पर असर

राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी जिलों में वर्षा की कमी का ज्यादा असर पड़ सकता है। अन्य राज्यों में गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र, मध्य महाराष्ट्र और कोंकण मुंबई तट पर भी कमजोर मानसून की संभावना है। जबकि, पूर्वोत्तर और तमिलनाडु में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रह सकती है।

क्या है अल नीनो

अल नीनो प्रशांत महासागर के भूमध्यीय क्षेत्र की उस समुद्री घटना को कहा जाता है जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर घटित होती है। यह समुद्र में होने वाली उथल-पुथल है और इससे समुद्र के सतही जल का ताप सामान्य से अधिक हो जाता है। इससे सतह, गहरे समुद्र में तापमान बढ़ता है। इसके कारण औसत से कम बारिश होती है। माना जाता है कि इससे सूखे की आंशका करीब 60 प्रतिशत होती है, जबकि कम बारिश की आशंका 30 प्रतिशत होती है।

फरवरी से बढ़ेगा पारा

प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 25 फरवरी तक राज्य के उत्तर-पूर्वी भागों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में तापमान में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली।