कृषि मंत्री की बड़ी कार्रवाई! जयपुर की उर्वरक फैक्ट्री में भारी गड़बड़ी

नई दिल्ली 11-Jun-2026 03:36 PM

कृषि मंत्री की बड़ी कार्रवाई! जयपुर की उर्वरक फैक्ट्री में भारी गड़बड़ी

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर में जैविक उर्वरक निर्माण इकाई पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की कार्रवाई, गंभीर अनियमितताएं उजागर

जयपुर स्थित हीराबाला इंडस्ट्रियल एरिया, कनौता में संचालित जयपुर बायो फर्टिलाइजर्स इकाई के निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जैविक उर्वरक निर्माण एवं भंडारण से संबंधित गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया।

निरीक्षण में पाया गया कि जैविक उर्वरक का निर्माण निर्धारित मानकों के विपरीत किया जा रहा था। जैविक उर्वरक के निर्माण हेतु आवश्यक तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, जबकि इकाई में इसे 45 डिग्री सेल्सियस तापमान पर तैयार किया जा रहा था। विशेषज्ञों के अनुसार इतने अधिक तापमान पर जैविक उर्वरक में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव एवं उसकी गुणवत्ता प्रभावित होकर नष्ट हो सकती है।

इसके अतिरिक्त विभिन्न जैविक उर्वरकों के पैकेजिंग एवं लेबल पर भ्रामक जानकारियां अंकित पाई गईं, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा 19 का उल्लंघन है। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कच्चे माल (रॉ मटेरियल) का रख-रखाव व्यवस्थित नहीं था तथा आवश्यक पहचान संबंधी लेबल भी नहीं लगाए गए थे।

जांच में यह भी पाया गया कि दानेदार जैविक उर्वरक की वैधता अवधि सामान्यतः 6 माह होती है, जबकि उत्पाद के कंटेनरों पर 24 माह तक उपयोग योग्य होने का उल्लेख किया गया था, जो उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाली सूचना है।

साथ ही इकाई में उर्वरकों का भंडारण भी निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिससे अवैध एवं अनियमित भंडारण की स्थिति सामने आई है।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों द्वारा नमूने लेकर विस्तृत जांच की जा रही है तथा नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी


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