मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कृषि विभाग की बैठक में दिए निर्देश

नई दिल्ली 25-Nov-2025 04:23 PM

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कृषि विभाग की बैठक में दिए निर्देश

(सभी तस्वीरें- हलधर)

राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में ग्रामीण एवं कृषि विभाग की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सम्बंधित विभागों की बजट घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों द्वारा 'विकसित राजस्थान 2047' में उल्लेखित मध्यावधि एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाकर लक्ष्यों को पूरा करने की योजना तैयार की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से उनके विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों एवं 'विकसित राजस्थान 2047' के संबंध में हो रही प्रगति की भी जानकरी ली। साथ ही कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, प्रभावशीलता और जनहित प्राथमिकता दी जाए।

बाधाओं को तुरंत चिन्हित कर समाधान करें अधिकारी 

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं में आ रही किसी भी बाधा को तुरंत चिन्हित कर समाधान सुनिश्चित करें और अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करें। ताकि राज्य के विकास कार्य तेज़, सटीक और लक्ष्य आधारित रूप से आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान 2047 राज्य का दीर्घकालिक विकास रोडमैप है, जिसके लिए सभी विभाग अपने लक्ष्यों, रणनीतियों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें। 

इन अधिकारियों ने दी योजनाओं के बारे में जानकारी

ग्रामीण एवं कृषि विभाग की बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास विभाग श्रेया गुहा ने विभागीय योजनाओं एवं कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। मुख्य सचिव ने राजीविका के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताया। वहीं, सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण कर त्वरित लेन-देन एवं पारदर्शी ऋण सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाएगा। विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में सभी पैक्स के कम्प्यूटरीकरण और अन्न भण्डारण क्षमता को बढ़ाने के लिए कोल्ड स्टोरेज का विकास किया जाएगा। 

कृषि एवं पंचायती राज (कृषि) की आयुक्त चिन्मयी गोपाल ने बताया कि जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में जलवायु स्मार्ट कृषि की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देकर फसल उत्पादन में वृद्धि के साथ ही किसानों को पशुपालन एवं अन्य माध्यम से जोड़कर उनके आय के साधनों में वृद्धि को सुनिश्चित किया जाएगा। 

पशुपालन विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न किसान लाभान्वित किए जा रहे है एवं विभाग द्वारा पशुधन में सेक्स सॉर्टेड कृत्रिम गर्भाधान की सफल प्रक्रिया का संचालन भी किया जा रहा है। मत्स्य ठेका प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मत्स्य विभाग द्वारा ई-ऑक्शन पोर्टल शुरू किया गया है। अतिरिक्त खाद्य आयुक्त पूनम प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA ) के अंतर्गत गिव अप अभियान के तहत प्रदेशभर में 47 लाख अपात्र लोगों द्वारा स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़कर सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया।

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