फर्जी फसल बीमा पॉलिसी का भंडाफोड़, एफआरआई के निर्देश  

नई दिल्ली 18-Aug-2026 06:23 PM

फर्जी फसल बीमा पॉलिसी का भंडाफोड़, एफआरआई के निर्देश  

(सभी तस्वीरें- हलधर)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) में फर्जी पॉलिसी बनाने वालों के खिलाफ  कृषि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है! खरीफ 2026 के लिए टोंक जिले की मालपुरा तहसील और जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में फर्जी फसल बीमा कराने की गोपनीय सूचना की जांच में शिकायत सही पाई गई। इस पर आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल ने मालपुरा तहसील के  मुकेश सैनी  सीताराम सैनी, फूलचन्द सैनी और शाहपुरा क्षेत्र के दीपक सैनी, विनिता सैनी  सीएससी (ई-मित्र) एवं अन्य किसानों के विरूद्व पुलिस में FIR  लिए निर्देश जारी किये गये हैं।विभागीय जांच में सामने आया है कि आरोपियों के द्वारा भूमि रिकॉर्ड में फेरबदल कर फर्जी पॉलिसी बनाई जा रही थी!

फर्जीवाड़े के नएहथकंडे 

जांच में सामने आया है कि भूमि रिकॉर्ड में फेरबदल कर फर्जी पॉलिसी बनाई जा रही थी, बिना खातेदार की जानकारी के बटाईदार के रूप में बीमा करवाया जा रहा था, एक ही खसरा पर अनेक पॉलिसी जारी की जा रही थीं, खसरे के वास्तविक क्षेत्रफल से अधिक क्षेत्र पर बीमा करवाया जा रहा था तथा वास्तविक बोई गई फसल के बजाय दूसरी फसल का बीमा करवाया जा रहा था। विभाग का मानना है कि इस तरह का संगठित फर्जीवाड़ा हितधारकों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।

वास्तविक किसानों को मिले लाभ 

कृषि आयुक्त गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ केवल वास्तविक किसानों तक पहुचे,फर्जी पॉलिसी जारी करने में शामिल सीएससी (ई-मित्र), सहयोगी किसानों, सक्रिय दलालों, बीमा कंपनी के कर्मचारियों और वित्तीय संस्थाओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के अंतर्गत कठोर कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। यदि किसी विभागीय कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई तो उसके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

कृषि विभाग की सख्त चेतावनी 

इस बार कृषि विभाग ने कृषि बीमा पॉलिसी के साथ फार्मर आईडी को अनिवार्य किया और बीमा पॉलिसी को ई गिरदावरी से लिंक किया गया इससे फर्जीवाड़ा करने वालों की तुरंत पहचान हो जाएगी! साथ ही ऐसे सभी किसान  जिन्होंने कृषि लोन नहीं लिया है और फसल बीमा करायी है तो उन सब मामलों की गहनता से जाँच की जाएगी. गोयल ने आगाह किया है कि यदि किसी भी प्रकार का फर्जीवाड़ा पाया गया तो संबंधित विभागीय और कानूनी कार्रवाई से कोई नहीं बच पाएगा। फर्जी तरीके से बनाई गई फसल बीमा पॉलिसियों को तत्काल निरस्त करवा लिया जाए, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें!


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