प्रदेश के मुख्य सचिव ने ली GRAM-2026 की समीक्षा बैठक
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को शासन सचिवालय में राजस्थान ग्लोबल एग्रीटेक मीट (GRAM) 2026 के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बैठक में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने, उन्हें कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाने और उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। मुख्य सचिव ने कहा कि GRAM के आयोजन से प्रदेश के किसान आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके माध्यम से स्मार्ट फार्मिंग कर कृषि क्षेत्र में अग्रसर बनेंगे। श्रीनिवास ने ग्राम के सफल आयोजन के लिए कृषि, उद्यानिकी, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, राजस्व, उद्योग, पर्यटन आदि विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। आयोजन में कृषकों की भागीदारी के लिए मुख्य सचिव ने किसानों का पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा, जिससे प्रगतिशील किसान ज्यादा से ज्यादा भाग लें और नवीन तकनीकों एवं नवाचारों का फायदा ले सकें।
कृषि-उद्यानिकी प्रमुख शासन सचिव ने दिया तैयारियों पर प्रजेंटेशन
राज्य की प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल ने समीक्षा बैठक में पीपीटी के माध्यम से ग्राम की तैयारियों पर प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि ग्राम के आयोजन में पूरे प्रदेश से 50 हजार से ज्यादा किसान भाग लेंगे, जिसमें राज्य के एवं संबद्ध क्षेत्रों की कृषि क्षमताओं एवं संभावनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। कृषि एवं उद्यानिकी प्रमुख ने कहा कि देश-विदेश में रोड शो का भी आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में किसान-वैज्ञानिक संवाद, किसान गोष्ठियों, प्रदर्शनी, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, क्रेता-विक्रेता बैठकों व बिजनस बैठक का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में 250 से अधिक प्रदर्शक व कंपनियां, कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, 32 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मंडलों, कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर के संस्थानों एवं अन्य सरकारी व गैर सरकारी संगठनों की भागीदारी होगी।
बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
उल्लेखनीय है कि राजस्थान ग्लोबल एग्रीटेक मीट के आयोजन का उद्देश्य विश्व स्तर पर उपलब्ध कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों और नवाचारों को प्रदेश में किसानों तक पहुंचाना है। जिससे प्रदेश के कृषक नवीन तकनीक अपनाकर अपनी उत्पादकता में वृद्धि कर सकेंगे और प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। समीक्षा बैठक में कृषि, उद्यानिकी, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, राजस्व, उद्योग, पर्यटन, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, वित्त, शहरी विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ती आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों भी शामिल रहे।
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