संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक: राजस्थान स्थापना दिवस समारोह

नई दिल्ली 27-Apr-2026 02:22 PM

संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक: राजस्थान स्थापना दिवस समारोह

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने को बेंगलुरु स्थित लोकभवन में आयोजित राजस्थान राज्य स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की। उन्होंने कहा कि राजस्थान का स्थापना दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, लोक परंपराओं और अखंडता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष से इस दिवस को अंग्रेजी कैलेंडर की बजाय भारतीय पंचांग की तिथि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मनाने की पहल की है, जो हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का महत्वपूर्ण कदम है।

प्रवासी राजस्थानियों की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों को “सांस्कृतिक राजदूत” बताते हुए कहा कि वे देश-विदेश में रहकर भी अपनी माटी की संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं। उन्होंने “कर्मभूमि से जन्मभूमि” अभियान में प्रवासी समुदाय के योगदान की सराहना की, जो प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

प्रवासी राजस्थानी दिवस से मिला वैश्विक मंच
मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 दिसंबर 2025 को जयपुर में पहले प्रवासी राजस्थानी दिवस का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से दुनियाभर में बसे राजस्थानियों को एक मंच पर लाया गया। उन्होंने सभी प्रवासी राजस्थानियों को 23 से 25 मई तक जयपुर में आयोजित होने वाले ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट में भाग लेने का आमंत्रण भी दिया।इस अवसर पर थावरचंद गहलोत सहित बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानी उपस्थित रहे। यह आयोजन राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और वैश्विक पहचान को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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