किसान बढ़ते तापमान और हीट स्ट्रेस से गेहूं फसल का ऐसे करें बचाव
(सभी तस्वीरें- हलधर)भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल ने गेहूं की खेती करने वाले ख़ासकर उत्तर भारतीय किसानों के लिए 15 मार्च तक विशेष एडवाइजरी जारी की है। आईआईडब्ल्यूबीआर ने इस सलाह में किसानों को सिंचाई प्रबंधन, रतुआ रोग की निगरानी, ऐफिड (चूसक कीट) नियंत्रण और बढ़ती गर्मी से फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी है। यदि तापमान में लगातार 3 दिनों तक उच्च वृद्धि होती है, तो किसान संस्थान द्वारा बताए गए निम्नलिखित वैज्ञानिक उपाय कर सकते हैं:
यदि तापमान लगातार 3 दिन से अधिक बढ़ा हुआ रहे तो फूल आने के बाद 0.2% म्यूरेट ऑफ पोटाश (200 लीटर पानी में 400 ग्राम) का छिड़काव करें।
अथवा
200 लीटर पानी में 4 किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट घोलकर छिड़काव करें, जिससे गर्मी के तनाव को कम किया जा सकें। दक्षिणी हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में अत्यधिक तापमान के दौरान दोपहर 2 से 2:30 बजे के आसपास एक घंटे के लिए स्प्रिंकलर सिंचाई की जा सकती है। दाना भराव अवस्था में अंतिम सिंचाई अवश्य करें, ताकि दाने सिकुड़ने से बचें।
गेहूं फसल में ऐफ़िड चेपा के लिए जरूरी सलाह
गेहूं में लीफ ऐफ़िड चेपा पर लगातार नजर रखें, अगर लीफ एफ़िड की संख्या आर्थिक नुक़सान स्तर ईटीएल 10-15 ऐफ़िड/टिलर को पार कर जाती है, तो क्विनॉलफ़ॉस ईसी का इस्तेमाल करें। 400 मिली क्विनॉलफ़ॉस को 200-250 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ में छिड़काव करें।
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