चना फसल में कीट नियंत्रण के लिए किसान तुरंत अपनाएं ये उपाय

नई दिल्ली 13-Mar-2026 05:27 PM

चना फसल में कीट नियंत्रण के लिए किसान तुरंत अपनाएं ये उपाय

(सभी तस्वीरें- हलधर)

चना दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण दलहनी फसलों में से एक है और इसका सबसे ज्यादा उत्पादन भारत में होता है। पोषण के लिहाज से चना बेहद लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इसमें करीब 21 प्रतिशत प्रोटीन और 55–60 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। इसके अलावा इसमें आयरन, कैल्शियम और फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो इसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद बनाते हैं। कृषि की दृष्टि से भी चना महत्वपूर्ण फसल है, क्योंकि यह मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर उसकी उर्वरता बढ़ाने में मदद करता है। हालांकि, चने की फसल पर कई प्रकार के कीटों का हमला भी होता है, जिससे उत्पादन कम हो जाता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान भाई चना फसल में कीट नियंत्रण के लिए नीचे दी गई वैज्ञानिक सलाह को अपनाकर अपनी फसल को रोगों से बचा सकते हैं। 

चने का कटुआ: खेतों के पास प्रकाश प्रपंच लगाकर प्रोढ़ कीटों को आकर्षित करके नष्ट किया जा सकता है। फली छेदक को आकर्षित करने के लिए और पकड़ने के लिए फेरोमोन ट्रैप लगाए। प्राकृतिक शत्रु परजीवियों का उपयोग करना चाहिए। बेवरिया बेसियाना 5 ग्राम प्रति लीटर का उपयोग करना चाहिए अथवा क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी का 2-2.5 मिली अथवा सायपरमेथ्रिन 25 ईसी का 1 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

चने में सुंड़ी: फसल चक्र अपनाकर भी इसके प्रकोप से बचा जा सकता है। नीम सीड करनल एक्सट्रैक्ट 5 प्रतिशत का दो बार छिड़काव करना चाहिए। न्यूक्लियर पॉलीहाइड्रोसिस वायरस (एन. पी वी.) 250 लीटर प्रति हेक्टेयर का उपयोग करना चाहिए। परजीवी जैसे ट्राइकोडर्मा स्पीशीज का उपयोग करना चाहिए। रासायनिक नियंत्रण के लिए क्लोरान्ट्रानिलिप्रोल 18.5 एससी का 0.3 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।

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