सीसीआई के इस फैसले से कपास किसानों के साथ हो गया ये 'कांड'

नई दिल्ली 14-Nov-2025 06:26 PM

सीसीआई के इस फैसले से कपास किसानों के साथ हो गया ये 'कांड'

(सभी तस्वीरें- हलधर)

भारतीय कपास निगम (CCI) के एक फैसले से भारतीय कपास उत्पादक किसानों के सामने मुसीबत खड़ी हो गई है। देशभर में किसान पहले ही सरकारों की बेरुखी का सामना कर रहे हैं। अब सीसीआई के फैसले से कपास उत्पादक किसानों को बड़ा झटका लगा है।
दरअसल, तेलंगाना राज्य में भारतीय कपास निगम ने कपास में नमी की मात्रा अधिक होने का हवाला दिया है। इससे तेलंगाना के कपास किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। इतना ही नहीं सीसीआई ने कपास में नमी का हवाला देकर तेलंगाना के किसानों से कपास खरीदने से भी इंकार कर दिया है। इससे राज्य के किसान परेशान होकर निजी व्यापारियों को अपनी कपास की उपज बेचने को मजबूर हो गए हैं। साथ ही किसानों को कीमतों में कटौती से भारी नुकसान हो रहा है।

भारतीय कपास निगम ने तेलंगाना के किसानों से कपास की खरीद पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसलिए सीसीआई 12 प्रतिशत से अधिक नमी वाले कपास की खरीद नहीं कर रहा है। सीसीआई का ये प्रतिबंध व्यापारियों के लिए लाभ का सौदा और किसानों के लिए अभिशाप बन गया  है। व्यापारियों ने किसानों से कपास खरीदने के लिए नेशनल हाईवे और महत्वपूर्ण चौराहों पर अस्थायी केंद्र बनाए हैं, लेकिन इन केंद्रों पर न के बराबर किसान अपनी फसल बेचने के लिए आ रहे हैं।

सीसीआई के फैसले का व्यापारी उठा रहे फायदा

राज्य के कपास उत्पादक किसानों का आरोप है कि व्यापारी सरकार की ओर से निर्धारित 8,110 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी से कम से कम 1,000 रुपये कम की पेशकश कर रहे हैं, जबकि भारतीय कपास निगम ने नमी की मात्रा का हवाला देकर कपास खरीदने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि व्यापारियों को कपास बेचकर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने अधिकारियों से निजी खरीदारों के हाथों धोखाधड़ी को रोकने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया है। कपास किसानों का कहना है कि प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियों और बेमौसम बारिश के कारण उनकी उपज में पहले ही गिरावट देखी जा चुकी है। उनके पास व्यापारियों को कपास बेचने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है और वे सीसीआई की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों से परेशानी झेल रहे हैं। किसानों ने सरकार से लगातार तीसरे साल कपास फसल की खेती में हुए भारी नुकसान के लिए मुआवजे की भी मांग की है।

तेलंगाना में लाखों एकड़ में होती है कपास की खेती

आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना में इस कपास सीजन में आदिलाबाद, कुमराम भीम आसिफाबाद, निर्मल और मंचेरियल जिलों में 10 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में व्यावसायिक फसल कपास की खेती की गई। आदिलाबाद जिले में 4.25 लाख एकड़ में इसकी खेती की गई, जबकि कुमराम भीम आसिफाबाद जिले में 3.35 लाख एकड़ में इसकी खेती हुई। मंचेरियल और निर्मल जिलों में क्रमशः 1.61 लाख एकड़ और 1.40 लाख एकड़ में खेती हुई। कपास अधिकारियों का कहना है आदिलाबाद जिले में 84 लाख क्विंटल कपास की उपज दर्ज की होगी। वहीं, जिला प्रशासन ने कपास उपज बेचने के लिए कपास किसान एप्लीकेशन पर स्लॉट बुक करने में किसानों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800 599 5779 और व्हाट्सएप नंबर 88972 81111 शुरू किया है।

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