कृषि विश्वविद्यालय में आचार्य मुनि के लिए बजी तालियां, कुलगुरु हुए प्रभावित

नई दिल्ली 17-Mar-2026 06:57 PM

कृषि विश्वविद्यालय में आचार्य मुनि के लिए बजी तालियां, कुलगुरु हुए प्रभावित

(सभी तस्वीरें- हलधर)

कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर में तनाव प्रबंधन (Stress Management) विषय पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और कर्मचारियों को मानसिक संतुलन बनाए रखने और सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय स्टाफ ने भाग लेकर तनाव प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

मन की चंचलता तनाव का प्रमुख कारण: आचार्य मुनि

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आचार्य डॉ. अरविंद मुनि ने कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को सुंदर बनाया है, लेकिन तनाव के कारण व्यक्ति अपने जीवन और व्यक्तित्व को स्वयं प्रभावित कर लेता है। उन्होंने बताया कि मन की चंचलता ही तनाव का मुख्य कारण है और इसी से कई प्रकार के मानसिक विकार उत्पन्न होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि मन को स्थिर और सकारात्मक बनाया जाए तो जीवन में शांति और संतुलन बनाए रखा जा सकता है।

ध्यान और सकारात्मक सोच से दूर हो सकता है तनाव

आचार्य मुनि ने कहा कि जीवन में माता-पिता को ईश्वर का दर्जा देना, पूजा-पाठ और नाम सुमिरन करना मानसिक शांति और सकारात्मकता लाने में सहायक होता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि तनाव को दूर करने का सबसे प्रभावी उपाय ध्यान (Meditation) है। उनका कहना था कि “जिसे ध्यान करना आ गया, उसे सहना आ गया और जिसे सहना आ गया, उसे जीवन जीना आ गया।”

युवाओं में तनाव बड़ी चुनौती: कुलगुरु प्रो. जैतावत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर जैतावत ने कहा कि आज के समय में युवाओं के सामने तनाव एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है। यदि विद्यार्थी तनाव प्रबंधन की कला सीख लेते हैं तो वे अपने जीवन में उच्च आदर्शों के साथ लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने आचार्य डॉ. अरविंद मुनि द्वारा बताए गए तनाव प्रबंधन के उपायों को प्रेरणादायक बताते हुए छात्रों से इन्हें अपने जीवन में अपनाने का आग्रह किया।

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