SKRAU का 22वां दीक्षांत समारोह आयोजित, 1694 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

नई दिल्ली 13-Mar-2026 07:13 PM

SKRAU का 22वां दीक्षांत समारोह आयोजित, 1694 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

(सभी तस्वीरें- हलधर)

स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 22वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के विद्या मंडप में आयोजित इस समारोह में कुल 1694 विद्यार्थियों को विभिन्न डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर राजेंद्र बाबू दुबे ने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के ज्ञान, परिश्रम और समर्पण की उपलब्धियों का उत्सव है। यह अवसर उन्हें नए संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।

कृषि शिक्षा और अनुसंधान में विश्वविद्यालय की भूमिका

कुलगुरु राजेंद्र बाबू दुबे ने बताया कि पिछले 39 वर्षों से विश्वविद्यालय कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार गतिविधियों के माध्यम से किसानों की समृद्धि के लिए कार्य कर रहा है। बीज उत्पादन के क्षेत्र में विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण बीज विकसित करने और नई किस्मों के अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हर्बल गार्डन विकसित करने की योजना भी स्वीकृत की गई है।

किसानों के लिए नई पहल और तकनीकी विकास

प्रोफेसर दुबे ने बताया कि विश्वविद्यालय के कृषि यंत्र मशीनरी परीक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र में किसानों की सुविधा के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किया गया है, जिससे सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी उचित दर पर उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर में 1 हेक्टेयर भूमि पर खजूर का प्रदर्शन ब्लॉक स्थापित किया गया है। विश्वविद्यालय ने पीबीसी भारत ड्रोन के साथ समझौता कर जल्द ही ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की योजना बनाई है।

तीन लाख से अधिक किसानों को मिला प्रशिक्षण का लाभ

विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न प्रसार कार्यक्रमों के माध्यम से तीन लाख से अधिक किसानों और ग्रामीण युवाओं को लाभान्वित किया गया है। इस दौरान मशरूम उत्पादन, भेड़ और बकरी पालन जैसे विषयों पर वैज्ञानिक प्रशिक्षण भी आयोजित किए गए हैं।

ड्रोन और एआई से कृषि को मिलेगा नया आयाम

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि और पादप किस्मों और कृषक अधिकारों का संरक्षण प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. त्रिलोचन मोहपात्रा ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा और शिक्षक समाज तथा राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि सीमित जल संसाधन और जलवायु चुनौतियों के बावजूद राजस्थान सरसों, बाजरा और मूंगफली जैसी फसलों के उत्पादन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

युवा बनें रोजगार देने वाले

डॉ. मोहपात्रा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक, सैटेलाइट निगरानी, सेंसर आधारित सिंचाई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की कृषि के महत्वपूर्ण साधन हैं। युवाओं को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव हासिल कर रोजगार खोजने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का प्रयास करना चाहिए। वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान के समन्वय से जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।

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