ट्रेड डील पर किसानों की चिंता बढ़ी, सरकार को दी ये चेतावनी

नई दिल्ली 19-Mar-2026 07:00 PM

ट्रेड डील पर किसानों की चिंता बढ़ी, सरकार को दी ये चेतावनी

(सभी तस्वीरें- हलधर)

भारत-अमेरिका के संभावित व्यापार समझौते को लेकर देशभर के किसानों में चिंता बढ़ती जा रही है। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि यदि इस समझौते में कृषि क्षेत्र को शामिल किया गया, तो यह छोटे और मध्यम किसानों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है। उनका मानना है कि विदेशी किसानों से प्रतिस्पर्धा करना भारतीय किसानों के लिए मुश्किल हो जाएगा।

डेयरी, MSP और खाद्य सुरक्षा पर असर का डर

किसान नेताओं का कहना है कि इस ट्रेड डील से केवल खेती ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, डेयरी सेक्टर और खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। यदि विदेशों से सस्ता अनाज और डेयरी उत्पाद भारत में आते हैं, तो किसानों को अपनी उपज कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, जिससे उनकी आय प्रभावित होगी।

कंपनियों के बढ़ते नियंत्रण की आशंका

किसानों ने यह भी चिंता जताई है कि इस समझौते के बाद बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों का खेती पर नियंत्रण बढ़ सकता है। इससे किसानों को महंगे बीज, खाद और कीटनाशक खरीदने पड़ सकते हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ेगी और मुनाफा घटेगा।

23 मार्च को किसान-मजदूर रैली का ऐलान

इस मुद्दे के विरोध में 23 मार्च को हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पिपली अनाज मंडी में किसान-मजदूर जन क्रांति रैली आयोजित की जाएगी। इस रैली में बड़ी संख्या में किसान और मजदूर शामिल होकर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाएंगे।

सरकार के सामने रखी प्रमुख मांगें

किसान संगठनों ने सरकार से इस ट्रेड डील को रद्द करने की मांग की है। साथ ही MSP की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और किसानों को बेहतर सुविधाएं देने की भी मांग की गई है। उनका कहना है कि सरकार को किसानों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी 

किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ किसानों की नहीं, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी है।

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