पशुपालन प्रमुख शासन सचिव ने कार्यभार संभालते ही दिए ये निर्देश
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं गोपालन विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास एस भाले ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाना चाहिए।
आय बढ़ाने के लिए नवाचार और तकनीक पर जोर
प्रमुख शासन सचिव भाले ने बैठक में पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने के लिए नवाचारों और तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में गुणवत्ता, उत्पादकता और विपणन को मजबूत करना जरूरी है।
डिजिटल सेवाओं और मॉनिटरिंग की सराहना
भाले ने मोबाइल वेटरिनरी यूनिट के तहत चल रही टेली कंसल्टेंसी और चैटबॉट सेवाओं की सराहना की। उन्होंने विभागीय कार्यों में डिजिटल तकनीकों के अधिक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इससे योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा।
गौशालाओं में पारदर्शिता और नियमित निरीक्षण के निर्देश
प्रमुख शासन सचिव विकास एस भाले ने गोपालन से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी संचालन और गौशालाओं के सुदृढ़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित निरीक्षण और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि जमीनी स्तर पर योजनाओं का असर स्पष्ट रूप से दिख सके।
मुख्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीना ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, मोबाइल वेटरिनरी यूनिट, सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक, पशुधन निःशुल्क आरोग्य योजना और उष्ट्र संरक्षण योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। प्रमुख शासन सचिव ने इन योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
जवाबदेही और जनहित को प्राथमिकता
बैठक के अंत में प्रमुख शासन सचिव विकास एस भाले ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए कार्य करें। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने योजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की चुनौतियों पर भी चर्चा की।
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