जलशक्ति मंत्री ने रामजल सेतु लिंक परियोजना को प्रदेश के लिए बताया वरदान
जलशक्ति मंत्री ने रामजल सेतु लिंक परियोजना को प्रदेश के लिए बताया वरदान
(सभी तस्वीरें- हलधर)केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने जल संचय जन भागीदारी अभियान 2.0 के तहत वर्षा जल के अधिकतम संरक्षण और भूजल रिचार्ज क्षमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजस्थान के सभी जिलों और शहरी स्थानीय निकायों से जल संरक्षण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। पाटिल ने नई दिल्ली से आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राजस्थान में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और डूंगरपुर जिले में जनसहभागिता से किए गए नदी संरक्षण कार्य को अनुकरणीय बताया।
रामजल सेतु और यमुना जल परियोजना से बढ़ेगी जल उपलब्धता
केंद्रीय मंत्री पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री के हर गांव और हर खेत तक वर्षा जल की एक-एक बूंद सहेजने के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार प्रभावी कार्य कर रही है। उन्होंने रामजल सेतु लिंक परियोजना को राजस्थान के लिए वरदान बताया। साथ ही शेखावाटी क्षेत्र में यमुना का पानी लाने के लिए यमुना जल समझौते की डीपीआर का कार्य अंतिम चरण में होने की जानकारी दी।
सीएम रेनवॉटर हार्वेस्टिंग कार्यों में तेजी लाने पर दिया जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा किशनगढ़ एयरपोर्ट से वर्चुअली बैठक में शामिल हुए। उन्होंने शहरी निकायों, पंचायती राज संस्थाओं, सिविल सोसाइटी और आमजन की भागीदारी को अभियान की सफलता के लिए आवश्यक बताया। मुख्यमंत्री ने रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के निर्माण और मरम्मत कार्यों को तेजी से पूरा कर निर्धारित लक्ष्यों की समय पर प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जल संरक्षण अभियान बना जन-आंदोलन, हासिल की उपलब्धियां
सीएम शर्मा ने कहा कि जल संचय जन भागीदारी अभियान देशभर में जन-आंदोलन बन चुका है और राजस्थान ने इसके पहले चरण में तीसरा स्थान प्राप्त किया। बाड़मेर और भीलवाड़ा जिलों के उत्कृष्ट कार्यों को केंद्र सरकार ने सम्मानित भी किया है। राज्य सरकार द्वारा ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ और ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ जैसी पहल से भूजल स्तर सुधारने और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है। अभियान का दूसरा चरण 25 मई (गंगा दशहरा) से 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) तक संचालित किया जाएगा।
अधिकारियों ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट
बैठक में डूंगरपुर और भीलवाड़ा जिला कलेक्टरों ने अभियान के तहत किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार, मुख्यमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोरा, नेशनल वाटर मिशन की मिशन डायरेक्टर अर्चना वर्मा सहित केंद्र और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
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